शब्दार्थ
ना-गुज़ीर
nā-guzīr
hiadjective
अर्थ
अपरिहार्य, अनिवार्य या जिससे बचा न जा सके।
विस्तार
'ना-गुज़ीर' का अर्थ है वह जो अनिवार्य या अपरिहार्य हो, जिससे बचना मुमकिन न हो। इस शे'र में यह ज़िंदगी के मोह ('उल्फ़त-ए-हस्ती') की उस लाचारी और अनिवार्यता को दर्शाता है जिसे इंसान चाहकर भी नहीं छोड़ सकता। आशिक़ इश्क़ की ख़ाक कर देने वाली बिजली की इबादत करते हुए भी ज़िंदगी के इस अपरिहार्य बंधन में जकड़ा रहता है।
व्युत्पत्ति
Persian compound of the negative prefix 'nā-' (un-/not) and 'guzīr' (escape, remedy, help, derived from guzaspardan/guzīrdan).
प्रयोग
In classical Urdu poetry, it is employed to portray the inescapable cruelty of fate, inexorable suffering, or essential existential attachments.
उदाहरण
ज़िंदगी के सफ़र में रंज-ओ-अलम ना-गुज़ीर हैं।
इश्क़ में दिल का लुटना ना-गुज़ीर ठहरा।
समानार्थी
लाज़िमीअपरिहार्यअनिवार्यज़रूरी
संबंधित शब्द
गुज़ीरना-चारलाज़िममुज़्तर
