शब्दार्थ
निकलती
nikaltī
hiverb
अर्थ
बाहर आती है, प्रकट होती है या ज़ाहिर होती है।
विस्तार
उर्दू शायरी में यह क्रिया किसी आंतरिक भाव, आह या रूप-रंग के बाहर प्रकट होने को दर्शाती है। इस शेर में यह ख़ामोशी से अदा के उभरने और दिल से निगाह के सुरमे की मानिंद नज़ाकत से निकलने को व्यक्त करती है। यह किसी भाव या प्रभाव के धीमे और पुरअसर प्रकटीकरण का प्रतीक है।
व्युत्पत्ति
From Sanskrit 'निष्कल्' (niṣ-kal) via Prakrit 'निक्कलइ' (nikkalaï), evolving into Hindi-Urdu 'निकलना' (nikalnā).
प्रयोग
In classical ghazal poetry, it is frequently employed to portray the emergence of sighs (आह निकलना) or the unintentional revelation of hidden pain.
उदाहरण
दिल से जब आह निकलती है तो असर होता है
बात जब भी निकलती है दूर तलक जाती है
समानार्थी
उभरतीप्रकट होतीज़ाहिर होती
संबंधित शब्द
निकलनानिकालनानिकास
