शब्दार्थ
निकली
nikli
hiverb
अर्थ
बाहर आई, गुज़री या निकली (स्त्रीलिंग भूतकाल)।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'निकली' क्रिया 'निकलना' का स्त्रीलिंग भूतकालिक रूप है, जिसका अर्थ बाहर आना, प्रकट होना या किसी मार्ग से गुज़रना होता है। इस शेर में इसका प्रयोग महबूब की राह के मस्जिद के सामने से गुज़रने के संदर्भ में हुआ है, जिससे शेख़ का संयम टूट जाता है। यह अक्सर अचानक और दिलकश उपस्थिति को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit 'निष्कल्' (niṣkal) / Prakrit 'निक्कलइ' (nikkalaï), evolving into Hindustani 'nikalna'.
प्रयोग
In the ghazal tradition, 'nikli' frequently portrays the dramatic arrival of the beloved into public view or the involuntary release of an impassioned sigh (aah).
उदाहरण
बे-पर्दा वो घर से निकली तो क़यामत आ गई
दिल से एक सर्द आह निकली
समानार्थी
गुज़रीबरामद हुईज़ाहिर हुई
संबंधित शब्द
निकलानिकलनानिकासनिकालना
