शब्दार्थ
ना-इंसाफ़
na-insaf
hiadjective
अर्थ
अन्यायी, बेइंसाफ़, जो न्याय न करे।
विस्तार
यह शब्द ऐसे व्यक्ति या सत्ता के लिए प्रयुक्त होता है जो न्याय न करे। प्रस्तुत शेर में यह 'फ़लक' (आसमान या क़िस्मत) के विशेषण के रूप में आया है, जिसे आशिक़ पर ज़ुल्म ढाने वाला और बेरहम बताया गया है। यह ग़ज़ल की उस परंपरा को दर्शाता है जहाँ तक़दीर को अन्यायी माना जाता है।
व्युत्पत्ति
Persian prefix 'nā-' (not, un-) combined with Arabic 'inṣāf' (justice, equity).
प्रयोग
Frequently addressed to cruel destiny (falak) or an indifferent beloved in classical Urdu ghazals.
उदाहरण
ऐ ना-इंसाफ़ ज़माना, तूने यह क्या किया
ना-इंसाफ़ क़िस्मत के सितम सहते रहे
समानार्थी
बे-इंसाफ़ज़ालिमअन्यायीबे-रहम
संबंधित शब्द
इंसाफ़ना-इंसाफ़ीअदलज़ुल्म
