शब्दार्थ
ना-आश्ना
nā-āshnā
hiadjective
अर्थ
अपरिचित, अनजान, बेगाना या अजनबी।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'ना-आश्ना' का प्रयोग ऐसे व्यक्ति के लिए होता है जो बेगाना या अनजान बना रहे। इस शेर में यह महबूब के उस दोहरे रवैये को दर्शाता है जहाँ वह कभी अपनापन दिखाता है और कभी बिल्कुल अजनबी बन जाता है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from the negative prefix 'nā-' (not) and 'āshnā' (known, familiar, acquainted).
प्रयोग
Commonly contrasted with 'āshnā' in the ghazal tradition to evoke the torment of the beloved's fickle and detached affection.
उदाहरण
ना-आश्ना बन कर गुज़र जाना
दर्द-ए-दिल से ना-आश्ना रहना
समानार्थी
बेगानाअजनबीनावाक़िफ़अनजान
संबंधित शब्द
आश्नाआश्नाईना-आश्नाई
