शब्दार्थ

नाअहल

nā-ahl

hiadjective

अर्थ

अयोग्य, नालायक़ या अपात्र व्यक्ति।

विस्तार

शास्त्रीय काव्य में 'नाअहल' उस व्यक्ति को कहते हैं जो किसी पद, प्रेम या कृपा के योग्य न हो। प्रस्तुत शेर में यह शब्द 'नाक्स' के साथ मिलकर यह दर्शाता है कि सांसारिक सौन्दर्य या महबूब की महफ़िल में भी अयोग्य और तुच्छ लोग जुड़े रहते हैं, जैसे बिना काँटों के कोई फूल नहीं होता।

व्युत्पत्ति

Persian negative prefix 'nā-' + Arabic 'ahl' (deserving, capable, possessor).

प्रयोग

In the ghazal, poets often deploy this term to express anguish over fate or the beloved bestowing attention on undeserving rivals rather than the devoted lover.

उदाहरण

राज़-ए-उल्फ़त किसी नाअहल पे ज़ाहिर न करो।

क़द्र-ए-गौहर क्या जाने वो जो नाअहल है।

समानार्थी

नालायक़अयोग्यनाक़ाबिलअपात्र

संबंधित शब्द

अहलियतनाक्सनाअहली
← शब्दकोश पर वापस