शब्दार्थ
ना-अफ़्सुर्दागाँ
nā-afsurdagāñ
hinoun
अर्थ
जो उदास या बुझे हुए न हों; उत्साही लोग।
विस्तार
यह फ़ारसी उपसर्ग 'ना-', 'अफ़्सुर्दा' (बुझा हुआ या उदास), और बहुवचन प्रत्यय '-गाँ' से मिलकर बना शब्द है। शायरी में इसका अर्थ उन दीवानों से है जिनकी आंतरिक अग्नि या जुनून कभी ठंडा नहीं पड़ता। इस शेर में यह उन जीवित-हृदय आशिक़ों के लिए आया है जो ज़ब्त के बावजूद उमंग से भरे हैं।
व्युत्पत्ति
Persian: negative prefix 'nā-' + 'afsurdah' (past participle of afsurdan, to freeze/congeal) + animate plural suffix '-gān'.
प्रयोग
Commonly employed in classical Urdu and Persian ghazals to contrast vibrant, burning passion with the cold apathy of despair.
उदाहरण
ना-अफ़्सुर्दागाँ की बज़्म में रंज का गुज़र नहीं।
इश्क़ का शोला ना-अफ़्सुर्दागाँ के दिलों को रोशन रखता है।
समानार्थी
ज़िंदा-दिलगर्म-जोशबा-हौसला
संबंधित शब्द
अफ़्सुर्दाअफ़्सुर्दगीजुनूँज़ब्त
