शब्दार्थ
धड़के
dhaṛke
hiverb
अर्थ
दिल का काँपना, घबराना या धड़कना।
विस्तार
इस शे'र में 'धड़के' से आशय शिकारी के दिल की बेचैनी, धड़कन या भय से काँपने से है। यह शिकार को बे-जान पाकर पैदा होने वाले खटके और हैरत की ओर संकेत करता है। शायरी में यह शब्द दिल की घबराहट और अनपेक्षित भय को दर्शाने के लिए प्रयुक्त होता है।
व्युत्पत्ति
From Hindustani onomatopoeic base dhad-dhad (imitating the sound of rapid pulsation or thumping), related to Prakrit.
प्रयोग
In classical ghazal, the verb is typically used to convey a lover's anxiety, heightened heartbeat, or sudden fear upon meeting the beloved or the executioner.
उदाहरण
दिल न धड़के तो क्या करे कोई
किस ख़ौफ़ से ये दिल धड़के
समानार्थी
काँपेलर्ज़ेकाँपना
संबंधित शब्द
धड़कनखटकातड़प
