शब्दार्थ
दरकार
darkār
hiadjective
अर्थ
आवश्यक, जिसकी ज़रूरत या मांग हो।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'दरकार' का आशय किसी अपेक्षित, आवश्यक या ज़रूरतमन्द चीज़ से होता है। प्रस्तुत शेर में शायर कहता है कि सीने में पत्थर की तरह बोझ बना यह दिल हमें बिल्कुल अपेक्षित या ज़रूरी न था। इसका प्रयोग अक्सर निरर्थकता अथवा भावनात्मक विरक्ति को रेखांकित करने हेतु होता है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from 'dar' (in, into) and 'kār' (work, use), literally meaning 'in use' or 'for work'.
प्रयोग
Frequently employed in ghazals with negative auxiliaries like 'na thā' to evoke weariness and the futility of worldly attachments.
उदाहरण
इस दर्द-ए-दिल के वास्ते दरकार क्या रहा
इश्क़ में सिर्फ़ तिरी दीद हमें दरकार थी
समानार्थी
ज़रूरीमत्लूबलाज़िमअपेक्षित
संबंधित शब्द
ज़रूरतहाजतदरकार होना
