शब्दार्थ
दराज़-दस्ती
daraaz-dastii
hinoun
अर्थ
ज़ुल्म, ज़्यादती, हाथ बढ़ाना या अत्याचार करना।
विस्तार
शाब्दिक अर्थ 'हाथ का लंबा होना' या 'हाथ बढ़ाना' है, जो लाक्षणिक रूप से ज़ुल्म, ज़्यादती और अत्याचार को दर्शाता है। प्रस्तुत शे'र में यह क़ातिल के वार करने की क्षमता और ज़ुल्म की पहुंच के संदर्भ में प्रयुक्त हुआ है। शायर अपनी बे-बिसात हस्ती का इज़हार करते हुए कहता है कि वह क़ातिल के हाथ बढ़ाने की आज़माइश के क़ाबिल भी नहीं है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from 'darāz' (long, extended) and 'dastī' (hand-related action, from 'dast' + noun suffix '-ī').
प्रयोग
Commonly invoked in classical ghazals to personify the overreaching cruelty of the beloved or the oppression of fate.
उदाहरण
ज़माने की दराज़-दस्ती से कोई दिल महफ़ूज़ न रहा।
दराज़-दस्ती-ए-क़ातिल का ख़ौफ़ हर सम्त छाया था।
समानार्थी
ज़ुल्मज़्यादतीदस्त-दराज़ीअत्याचार
संबंधित शब्द
दराज़दस्तदस्त-दराज़ीक़ातिल
