शब्दार्थ
दोस्तो
dostō
hinoun
अर्थ
हे मित्रो, साथियो (संबोधन रूप)
विस्तार
उर्दू शायरी में 'दोस्तो' शब्द साथियों या महफ़िल के हाज़िरीन को मुख़ातिब करने के लिए प्रयुक्त संबोधन है। इस शे'र में आशिक़ अपने दोस्तों से इंसाफ़ की दरख़्वास्त करता है कि वे माशूक़ की अदा और उसके बर्ताव को देखकर फ़ैसला करें कि बुरा कौन है। यह महबूब के तग़ाफ़ुल के सामने अपने अज़ीज़ों से गुहार लगाने का एक पारंपरिक अंदाज़ है।
व्युत्पत्ति
From Persian 'dōst' (friend, beloved) combined with the Hindustani vocative plural suffix '-ō'.
प्रयोग
Commonly used in ghazals to shift the tone into an intimate, dramatic conversation with the poet's sympathetic companions.
उदाहरण
सुनो तो हाल-ए-दिल मिरा दोस्तो
कहो सच कि मैं क्या करूँ दोस्तो
समानार्थी
यारोसाथियोरफ़ीक़ोहबीबो
संबंधित शब्द
दोस्तदोस्तीदोस्ताना
