शब्दार्थ
दा'वे
da've
hinoun
अर्थ
दावे, प्रतिज्ञान या अहंकारपूर्ण बातें।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में यह शब्द प्रेम, सामर्थ्य या अहंकार के दावों और कथनों के लिए प्रयुक्त होता है। प्रस्तुत शेर में 'शोख़ी-ए-दा'वे' का अर्थ व्यर्थ के दावों की ढिठाई और घमंड है, जो सर्वनाश का कारण बनती है। यह मनुष्य के खोखले दावों और उसकी नश्वरता को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic da'wā (دعوى), via Persian into Urdu.
प्रयोग
Frequently used in the ghazal tradition to contrast a lover's lofty pretensions of steadfastness with their inevitable helplessness.
उदाहरण
दा'वे-ए-वफ़ा पर ऐतबार न रहा
शोख़ी-ए-दा'वे का अंजाम ख़राबी निकला
समानार्थी
दा'वाइद्दआमुद्दआ
संबंधित शब्द
मुद्दईदावेदारद'वत
