शब्दार्थ

दा'वा

da'vā

hinoun

अर्थ

दावा, अभिमानपूर्ण बात, अधिकार का इज़हार या तर्क

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'दा'वा' का आशय किसी गुण, अधिकार या अवस्था के गर्वपूर्ण इज़हार से है। इस शे'र में इसका प्रयोग होशमंदी और संयम के उस दिखावे या घमंड के लिए हुआ है, जो साक़ी के सामने पूरी तरह निरस्त और निष्प्रभावी हो जाता है।

व्युत्पत्ति

Arabic (دَعْوَى daʿwā), derived from the root d-ʿ-w (to call, invoke, or claim).

प्रयोग

In the ghazal, it is frequently paired with words like 'bātil' (void) or 'subūt' (proof) to dramatize how rational claims fail before mystical or romantic ecstasy.

उदाहरण

दा'वा-ए-सब्र न चला इश्क़ के आगे

बातिल है हर दा'वा तिरे हुस्न के रू-ब-रू

समानार्थी

दावाज़ोमइफ़्तिख़ारइल्तिज़ाम

संबंधित शब्द

मुद्दईदावेदारइद्दिआ
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