शब्दार्थ
दार
daar
hinoun
अर्थ
फाँसी का तख़्ता, सूली।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'दार' का अर्थ फाँसी का तख़्ता या सूली है, जो विशेष रूप से मंसूर की शहादत और सत्यनिष्ठा का प्रतीक माना जाता है। इस शे'र में यह 'दार-ओ-रसन' (सूली और रस्सी) के रूप में आया है, जो आशिक़ की चरम परीक्षा और आत्म-बलिदान को व्यक्त करता है। यह साधारण प्रेम की कठिनाइयों के मुक़ाबले जान न्योछावर करने के संकल्प को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Persian 'dār' (tree, beam, gallows), cognate with Sanskrit 'dāru' (wood, timber).
प्रयोग
In the ghazal tradition, 'daar' is emblematic of profound spiritual conviction and fearless defiance in love, frequently alluding to the mystic Mansur al-Hallaj.
उदाहरण
दार पर चढ़ के बयाँ अपना मुकम्मल करना
दार-ओ-रसन की आज़माइश
समानार्थी
सूलीतख़्ता-ए-दारमसलूब
संबंधित शब्द
दार-ओ-रसनमंसूरक़त्लगाहरसन
