शब्दार्थ

दीदा-पेश-कश

deeda-peshkash

hinoun

अर्थ

आँखों या दृष्टि को नज़राने के रूप में अर्पित करना।

विस्तार

यह फ़ारसी संयोजन प्रियतम के सम्मान में अपनी आँखों अथवा दृष्टि को भेंट या तोहफ़े के रूप में पेश करने को दर्शाता है। प्रस्तुत शेर में 'दिल नज़्र' के साथ मिलकर यह आशिक़ के सम्पूर्ण समर्पण और वफ़ादारी का इज़हार करता है। यहाँ आँखें महबूब की ख़िदमत में पेश किया गया नज़राना बन जाती हैं।

व्युत्पत्ति

Persian: 'dīda' (past participle of dīdan, 'to see' / eye) + 'pēshkash' (from pēsh 'before' + kashīdan 'to draw', meaning tribute or offering).

प्रयोग

Employed in the ghazal to convey hyperbolic devotion where the lover treats their faculty of sight as a royal offering.

उदाहरण

दिल नज़्र-ए-यार है और दीदा-पेश-कश।

रख दीं क़दम पे आँखें ब-रस्म-ए-पेशकश।

समानार्थी

नज़्र-ए-चश्मदीदा-निसारतौहफ़ा-ए-चश्म

संबंधित शब्द

दीदापेशकशनज़्रनियाज़
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