शब्दार्थ

दाद-ख़्वाह

daad-khwaah

hinoun

अर्थ

न्याय चाहने वाला, फ़रियादी या इंसाफ़ का तलबगार।

विस्तार

शाब्दिक रूप से इसका अर्थ न्याय या इंसाफ़ का तलबगार (फ़रियादी) होता है। शास्त्रीय शायरी में यह प्रेमी के लिए आता है जो प्रेमिका के सितम के ख़िलाफ़ रहम या इंसाफ़ की गुहार लगाता है। इस शे'र में आशिक़ ख़ुद को दाद-ख़्वाह बताता है जिसका मुक़दमा लड़ने वाला वकील परवाना है।

व्युत्पत्ति

Persian compound formed from 'dād' (justice/redress) and the present stem of 'khwāstan' (to wish, desire, or demand).

प्रयोग

Commonly invoked in the ghazal to frame love as a legal or royal court where the lover stands as an aggrieved petitioner.

उदाहरण

तिरे दर पे इक दाद-ख़्वाह आया है

सुने कौन इस दाद-ख़्वाह की फ़रियाद

समानार्थी

फ़रियादीमुल्तमिसतालिब-ए-इंसाफ़

संबंधित शब्द

दाददाद-ख़्वाहीदाद-रसीइंसाफ़
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