शब्दार्थ

दो-जहाँ

do-jahaan

hinoun

अर्थ

दोनों लोक; यह संसार और परलोक; समस्त सृष्टि।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'दो-जहाँ' का तात्पर्य इस लोक (दुनिया) और परलोक (आख़िरत) यानी सम्पूर्ण अस्तित्व से है। प्रस्तुत शेर में यह 'आइना-ए-दो-जहाँ' के रूप में प्रयुक्त होकर संपूर्ण ब्रह्मांडीय दिखावे और औपचारिक आदर-सत्कार के खोखलेपन को रेखांकित करता है। यह शब्द सांसारिक और पारलौकिक दोनों पक्षों की समग्रता को व्यक्त करता है।

व्युत्पत्ति

Persian compound formed from 'do' (two) and 'jahān' (world, cosmos).

प्रयोग

Commonly invoked in the ghazal to denote the lover's total detachment from both worldly desires and the promises of the afterlife.

उदाहरण

दो-जहाँ की तमन्ना मिट गई तेरे इश्क़ में

दो-जहाँ से बे-नियाज़ होकर उसने दिल लगाया

समानार्थी

कौनेनदो-आलमदोनों जहाँ

संबंधित शब्द

जहाँआलमदुनियाआख़िरत
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