शब्दार्थ

दोज़ख़

dozakh

hinoun

अर्थ

नरक, जहन्नुम, घोर यातना का स्थान।

विस्तार

फ़ारसी परंपरा में 'दोज़ख़' का अर्थ नरक या जहन्नुम है, जहाँ घोर यातना और अग्नि होती है। इस शेर में यह 'सोज़-ए-इश्क़' यानी प्रेम की निरंतर दहकती हुई पीड़ा और मानसिक संताप का प्रतीक है। यहाँ इसका प्रयोग 'बहिश्त' (स्वर्ग) के विपरीत स्थिति को दर्शाने के लिए किया गया है।

व्युत्पत्ति

Persian (دوزخ - dōzax), from Middle Persian 'dušox', derived from Avestan 'daushahuua' (evil existence or bad realm).

प्रयोग

In classical Urdu ghazal, poets frequently pair 'dozakh' with 'bahisht' (paradise) to contrast the fiery suffering of passion against spiritual reward or pious expectation.

उदाहरण

हिज्र की तपिश ने ज़िन्दगी को दोज़ख़ बना दिया।

दोज़ख़ के ख़ौफ़ से बेपरवाह है वो दिल जो इश्क़ में जल चुका हो।

समानार्थी

जहन्नुमनरकसक़र

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बहिश्तसोज़आतिशअज़ाब
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