शब्दार्थ
दिखलावे
dikhlāve
अर्थ
दिखाए या प्रकट करे (दिखलाना क्रिया का प्राचीन रूप)।
विस्तार
यह 'दिखलाना' क्रिया का प्राचीन या शास्त्रीय संभावनार्थ रूप है, जिसका अर्थ 'दिखाए' होता है। प्रस्तुत शे'र में आशिक़ माशूक़ से कहता है कि चाहे वह अपना चेहरा न दिखाए, पर ग़ुस्से से ही सही आँखें तो दिखा दे। ग़ज़ल की बहर और शास्त्रीय परंपरा में '-वे' अंत वाले क्रिया-रूपों का प्रयोग काफ़ी प्रचलित रहा है।
व्युत्पत्ति
Derived from Sanskrit root 'dṛś' (to see) / causative 'darśayati', evolving through Prakrit into Hindustani 'dekhnā'/'dikhlānā', with the archaic subjunctive suffix '-ve'.
प्रयोग
In classical ghazal poetry, verb forms ending in '-ve' (such as दिखलावे, आवे, जावे) were frequently used to suit the meter and reflect traditional poetic idiom.
उदाहरण
जो रुख़-ए-रौशन न दिखलावे कभी
ज़रा आँखें ही दिखलावे वो पर्दा खोल कर
