शब्दार्थ
दिखाऊँ
dikhaa'oon
hiverb
अर्थ
दिखाऊँ, प्रकट करूँ या सामने लाऊँ।
विस्तार
शायरी में यह 'दिखाना' क्रिया का उत्तम पुरुष, एकवचन संभाव्य/इच्छार्थक रूप है। इस शेर में आशिक माशूक़ के हसीन चेहरे से सामने आने की इल्तिजा करता है ताकि वह दुनिया को यह दिखा सके कि फ़रहाद का इश्क़ और कोह-कनी कितना कठिन काम है। यह किसी सत्य या पीड़ा को प्रकट करने की तीव्र इच्छा को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit 'dṛś' (to see) -> Prakrit 'dikkha-' -> Hindustani 'dikhana'.
प्रयोग
Frequently employed in ghazals to evoke the desire of displaying love's wounds, passion, or miraculous visions to the beloved or the world.
उदाहरण
दिल के छाले किसे दिखाऊँ मैं
ज़रा सामने आ कि हुस्न का जलवा दिखाऊँ
समानार्थी
प्रकट करूँदर्शाऊँदिखलाऊँ
संबंधित शब्द
देखनादिखानादिखाई
