शब्दार्थ
दी
dī
hiverb
अर्थ
दिया, सौंपा या प्रज्वलित किया (स्त्रीलिंग रूप)।
विस्तार
इस शे'र में 'दी' क्रिया 'देना' का भूतकालिक स्त्रीलिंग रूप है, जो 'आग' के साथ मिलकर 'आग लगा दी' का अर्थ व्यक्त करता है। यहाँ आशय यह है कि गुलाब के सुर्ख रंग ने चमन को दहका दिया है। यह शब्द क़फ़स में बंद आशिक़ के हृदय की जलन और विरह को उभारने के लिए प्रयुक्त हुआ है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit 'दत्त' (datta) / 'ददाति' (dadāti) through Prakrit 'दिण्ण' (diṇṇa) to Hindustani 'देना' / 'दी'.
प्रयोग
Commonly used in classical ghazal in verbal idioms like 'जान दी' (sacrificed one's life) or 'आग दी' (kindled passion or flame).
उदाहरण
उसने राह-ए-वफ़ा में अपनी जान दी।
शमा ने महफ़िल को एक नई रौशनी दी।
समानार्थी
बख़्शीअता कीलगाई
संबंधित शब्द
देनादियादेंगेदेन
