शब्दार्थ
तहय्युर
tahayyur
hinoun
अर्थ
आश्चर्य, विस्मय, हैरत या भौंचक्कापन।
विस्तार
तहय्युर का अर्थ गहन विस्मय, हैरत या वह स्थिति है जिसमें व्यक्ति अवाक और स्तब्ध रह जाए। प्रस्तुत शे'र में यह 'अंगुश्त-ए-तहय्युर दर दहन' (दाँतों तले उँगली दबाना / होंठों पर विस्मय की उँगली रखना) के मुहावरे में आया है, जहाँ महफ़िल की शम्अ सुंदरियों के मधुर स्वर सुनकर अचरज से मौन हो जाती है। यह रूपक सौंदर्य और कला के सामने अवाक हो जाने की चरम स्थिति को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Arabic root ح-ي-ر (ḥ-y-r), derived from Form V (تَفَعُّل / tafa‘‘ul).
प्रयोग
In classical ghazal, tahayyur is often invoked alongside the imagery of mirrors, statues, or fingers pressed to the lips to depict speechless aesthetic contemplation.
उदाहरण
आलम-ए-तहय्युर में आईना बन जाना
निगाह-ए-शौक़ को बख़्शा तहय्युर उस के जल्वों ने
समानार्थी
हैरानीताज्जुबविस्मय
संबंधित शब्द
हैरतमुतहय्यिरहैरान
