शब्दार्थ
तहक़ीर
tahqīr
hinoun
अर्थ
अपमान, तिरस्कार या किसी को नीचा दिखाना।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू में 'तहक़ीर' का अर्थ किसी की तौहीन, उपहास या तिरस्कार करना होता है। प्रस्तुत शेर में शायर शहर के फ़क़ीह (धर्मवेत्ता) का अपमान करने की अपनी हिम्मत या मंशा से इनकार करता है। वह स्पष्ट करता है कि उसका उद्देश्य किसी को नीचा दिखाना नहीं, बल्कि हृदय का विस्तार पाना है।
व्युत्पत्ति
Arabic (تَحْقِير), the verbal noun of form II from the root ح-ق-ر (ḥ-q-r), conveying the sense of deeming small, vile, or contemptible.
प्रयोग
Often used in ghazal poetry to express the disdain shown by the beloved or society toward the humble, devoted lover.
उदाहरण
किसी मुफ़लिस की तहक़ीर न कर
तहक़ीर-ए-वफ़ा से दिल टूट गया
समानार्थी
तज़लीलतौहीनतिरस्कारज़िल्लत
संबंधित शब्द
हक़ीरमुहक़्क़रतहक़ीराना
