शब्दार्थ

तवज्जोह

tavajjoh

hinoun, feminine

अर्थ

ध्यान, एकाग्रता, कृपा या कृपादृष्टि।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'तवज्जोह' का अर्थ ध्यान, कृपा-दृष्टि अथवा किसी की ओर मुखातिब होना होता है। प्रस्तुत शे'र में इसका प्रयोग ज़माने की दया-दृष्टि या ध्यान के संदर्भ में हुआ है। शायर बयान करता है कि ज़माने की तवज्जोह के बावजूद उसे मान-सम्मान और धन-दौलत का साधन प्राप्त न हुआ।

व्युत्पत्ति

Arabic تَوَجُّه‎ (tawajjuh), verbal noun of تَوَجَّهَ (tawajjaha, 'to turn one's face toward'), from the root و-ج-ه (w-j-h, relating to face or direction).

प्रयोग

Frequently deployed in ghazal poetry to convey the beloved's rare favor or the longing for empathetic regard.

उदाहरण

मेरी हालत पर भी ज़रा तवज्जोह दीजिए।

तवज्जोह-ए-खास का तलबगार होना।

समानार्थी

इल्तिफ़ातध्यानइनायत

संबंधित शब्द

मुतवज्जिहवजहरुजू
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