शब्दार्थ
तल्ख़ी-कश
talkhi-kash
अर्थ
कड़वाहट या दुख झेलने वाला; रंज उठाने वाला।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'तल्ख़ी-कश' उस व्यक्ति या प्रेमी को कहा जाता है जो निरंतर जीवन और इश्क़ के कड़वे अनुभवों व रंज को सहता है। प्रस्तुत शेर में यह उस सादा-दिल आशिक़ की मनोदशा दर्शाता है जो दुख सहते-सहते तलवार की जानलेवा धार को भी राहत देने वाला मीठा पानी समझ बैठता है। यह शब्द पीड़ा के साथ आशिक़ के गहरे और सहज संबंध को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from 'talkhī' (bitterness, from 'talkh') and the agentive suffix '-kash' (from 'kashīdan', meaning to draw, endure, or drink).
प्रयोग
A classical poetic trope depicting the long-suffering lover who regards pain, venom, and bitterness as their natural sustenance.
उदाहरण
तल्ख़ी-कश दिल को भला राहत की आरज़ू क्या हो।
उम्र भर तल्ख़ी-कश रहे हम और शिकवा भी न किया।
