शब्दार्थ

तरसा

tarsā

hiverb

अर्थ

तरसा, ललचाया या वंचित रहा।

विस्तार

उर्दू शायरी में 'तरसा' क्रिया 'तरसना' का भूतकालिक रूप है, जिसका अर्थ किसी नेमत या मिलन के लिए व्याकुल रहना अथवा वंचित रह जाना है। इस शे'र में यह विशाल रहमत के बावजूद आँख के प्यासे या हसरत-ज़दा रहने की स्थिति को दर्शाता है।

व्युत्पत्ति

Derived from Sanskrit 'तर्ष' (tarṣa, meaning thirst, desire) through Prakrit into Hindustani.

प्रयोग

Commonly used in ghazals to evoke the painful thirst of longing, whether for wine, beloved's sight, or divine benevolence.

उदाहरण

दीदार को तेरे दिल रात भर तरसा।

रहमत की घटाओं में भी तिश्ना-लब तरसा।

समानार्थी

तड़पाललचायासताया

संबंधित शब्द

तरसनातिश्नगीहसरत
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