शब्दार्थ

तर्ज़

tarz

hinoun

अर्थ

ढंग, तरीक़ा, शैली या अंदाज़।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'तर्ज़' का अर्थ अंदाज़, तरीक़ा, शैली या व्यवहार की विशेष रीति है। इस शे'र में यह 'तर्ज़-ए-तलाश' के रूप में प्रयुक्त हुआ है, जिसका तात्पर्य एक ही निगाह में चयन करने के अनोखे अंदाज़ से है। यह शब्द प्रेमी की देखने और खोजने की विशिष्ट चेष्टा को प्रकट करता है।

व्युत्पत्ति

From Arabic طَرْز (ṭarz), denoting pattern, embroidery, form, or style.

प्रयोग

Frequently utilized in Persianized izafat phrases to define poetic craft or romantic demeanor, such as tarz-e-khas or tarz-e-bayan.

उदाहरण

तर्ज़-ए-सुख़न नया है

उनकी अनोखी तर्ज़-ए-अदा

समानार्थी

अंदाज़तरीक़ारविशशैली

संबंधित शब्द

तर्ज़-ए-सुख़नतर्ज़-ए-अदातर्ज़-ए-वफ़ा
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