शब्दार्थ
तप
tap
hinoun
अर्थ
बुख़ार, तीव्र ताप या विरह की जलन।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'तप' का अर्थ बुख़ार, तीव्र हरारत या इश्क़ की जलन है। इस शे'र में 'तप-ए-इश्क़-ए-तमन्ना' आरज़ू के उस प्रचंड बुख़ार की ओर संकेत करता है जो शम्अ' की लौ की तरह वजूद की रगों में फैल जाता है। यह हिज्र और इश्क़ की शारीरिक व रूहानी पीड़ा का प्रतीक है।
व्युत्पत्ति
Persian 'tap' (fever, warmth), cognate with Sanskrit 'tapas' (heat, penance).
प्रयोग
In the ghazal tradition, 'tap' is typically used in izafat constructions like 'tap-e-gham' or 'tap-e-ishq' to personify heartache as a debilitating fever.
उदाहरण
तप-ए-फ़ुर्क़त का आलम
इश्क़ की तपिश में जलना
समानार्थी
बुख़ारहरारतसोज़
संबंधित शब्द
तपिशतपाँसोज़-ओ-गुदाज़
