शब्दार्थ
तग़फ़ुल-मशरबी
taghāful-mashrabī
hinoun
अर्थ
उपेक्षा या बेपरवाही की आदत अथवा स्वभाव।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'तग़फ़ुल-मशरबी' का अर्थ महबूब का वह स्वभाव है जिसमें वह जान-बूझकर बेरुखी या बेपरवाही बरतता है। इस शेर में इसी बेपरवाह आदत के कारण अधूरापन और कसर पैदा होती है। यह शब्द बनावटी उपेक्षा और अदा-ए-बेनियाज़ी की मानसिक स्थिति को खूबसूरती से दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Arabic compound with Persian suffix: 'taghāful' (تغافل, feigned negligence) + 'mashrab' (مشرب, disposition/habit) + abstract noun suffix '-ī' (ی).
प्रयोग
Commonly used in classical ghazal to denote the deliberate, coquetish nonchalance of the beloved towards the lover.
उदाहरण
तग़फ़ुल-मशरबी उनकी दिल को चैन लेने न देती थी।
अदा-ओ-नाज़ में भी तग़फ़ुल-मशरबी साफ़ नुमायाँ थी।
समानार्थी
लापरवाहीबेरुखीबेपरवाहीबे-ए'तिनाई
संबंधित शब्द
तग़फ़ुलमशरबतग़फ़ुल-केशतग़फ़ुल-शिआर
