शब्दार्थ
तग़ईर
taghayyur
hinoun
अर्थ
बदलाव, परिवर्तन, रूपांतरण या हालत का बिगड़ना।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'तग़ईर' का अर्थ किसी दशा या रूप-रंग में आने वाला बदलाव अथवा गिरावट है। प्रस्तुत शेर में 'तग़ईर-ए-हाल' के रूप में यह प्रेमी की बिगड़ी हुई या बदली हुई हालत को दर्शाता है जो ज़माने के गर्दिशों का नतीजा है। यह शब्द सांसारिक अस्थिरता और बेबसी के भाव को उभारता है।
व्युत्पत्ति
Arabic: verbal noun (taf'eel pattern) from the root غ-ی-ر (gh-y-r), denoting alteration, variance, or change.
प्रयोग
Commonly paired in Persianized izafat constructions like 'taghayyur-e-haal' or 'taghayyur-e-rang' to portray emotional suffering and decay in ghazals.
उदाहरण
तग़ईर-ए-रंग-ए-रुख़्सार से दिल का हाल ज़ाहिर हुआ।
ज़माने की गर्दिश से हर शय में तग़ईर लाज़िम है।
समानार्थी
तबदीलीइंक़लाबहेर-फेरदगरगूनी
संबंधित शब्द
तग़य्युरग़ैरतग़य्युरात
