शब्दार्थ
तक़्वा
taqwa
hinoun
अर्थ
परहेज़गारी, ईश्वर-भय, धार्मिक संयम अथवा पवित्रता।
विस्तार
तक़्वा का अर्थ धार्मिक परहेज़गारी, ईश्वर-भय तथा गुनाहों से स्वयं को बचाने का संयम है। इस शे'र में यह शैख़ की औपचारिक एवं दिखावटी धार्मिकता का प्रतीक है, जिसे मदिरा के बदले खर्च कर देने का व्यंग्य किया गया है। शास्त्रीय शायरी में यह ज़ाहिद की कट्टरता और आशिफ़्ता-मिज़ाजी के बीच का द्वंद्व प्रकट करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic تَقْوَى (taqwā), derived from the triconsonantal root w-q-y (و-ق-ی), meaning to guard against or preserve oneself.
प्रयोग
In classical Urdu ghazal, taqwa is frequently juxtaposed satirically with riñdi (libertinism) and wine to subvert rigid clerical pretensions.
उदाहरण
मय-ख़ाने में आकर तक़्वा का भरम टूट गया।
इश्क़ के आते ही तक़्वा ओ ज़ुहद रुख़्सत हुए।
समानार्थी
परहेज़गारीपार्साईतद्दुयुन
संबंधित शब्द
मुत्तक़ीज़ुहदपरहेज़
