शब्दार्थ

तक़रीर

taqrīr

hinoun (feminine)

अर्थ

कथन, बातचीत, भाषण या संवाद।

विस्तार

उर्दू शायरी में 'तक़रीर' का अर्थ बातचीत, कथन या बयान होता है। प्रस्तुत शे'र में 'लब-तिश्ना-ए-तक़रीर' से मुराद महबूब से गुफ़्तगू करने और उसके लबों से कलाम सुनने की गहरी प्यास है। यह शब्द केवल एक झलक देखने के बजाय रूबरू संवाद की तलब को व्यक्त करता है।

व्युत्पत्ति

Arabic (تَقْرِير), verbal noun of Form II from the triconsonantal root q-r-r (ق-ر-ر), signifying setting forth, affirming, or narrating.

प्रयोग

In classical ghazal poetry, 'taqrīr' often appears in deliberate contrast to 'ḳhāmoshī' (silence) or denotes the eloquent and enchanting manner of the beloved's speech.

उदाहरण

हुस्न-ए-तक़रीर का जादू

लब-ए-ख़ामोश को तक़रीर मिली

समानार्थी

गुफ़्तगूबयानकलामसुख़न

संबंधित शब्द

मुक़र्रिरक़रारतक़रीरी
← शब्दकोश पर वापस