शब्दार्थ
तआ'रुफ़
Ta'aruf
hinoun
अर्थ
जान-पहचान, परिचय या आपसी वाक़िफ़ियत।
विस्तार
'तआ'रुफ़' का अर्थ पारस्परिक जान-पहचान, मेल-जोल या परिचय है। इस शेर में यह लफ़्ज़ उम्र भर की क़ैद काटने के बाद अहल-ए-चमन (बाग़ वालों) से मिट चुके राब्ते और अजनबीपन को बयाँ करता है। शायर पूछता है कि इतने लंबे वक़्फ़े के बाद अब चमन वालों से क्या जान-पहचान बाक़ी रही होगी।
व्युत्पत्ति
Arabic verbal noun from the root 'ʿ-r-f' (ع-ر-ف), belonging to Form VI (tafā'ul), conveying mutual knowledge or acquaintance.
प्रयोग
In the ghazal tradition, 'ta'aruf' is often invoked to emphasize either the tentative start of romance or the melancholic loss of familiarity between separated lovers and companions.
उदाहरण
रस्म-ए-तआ'रुफ़ अभी बाक़ी है
तआ'रुफ़ की कोई सूरत न निकली
समानार्थी
आशनाईपहचानवाक़िफ़ियत
संबंधित शब्द
आरिफ़मा'रूफ़ता'रीफ़
