शब्दार्थ

ता-हश्र

tā-hashr

hiadverb

अर्थ

प्रलय के दिन तक; क़यामत तक; सदा के लिए।

विस्तार

यह सामासिक पद 'प्रलय के दिन तक' या 'अनंत काल तक' के अर्थ में प्रयुक्त होता है। शास्त्रीय उर्दू शायरी में यह शाश्वत प्रेम, निरंतर व्यथा अथवा अमिट कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए आता है। प्रस्तुत शेर में कवि जल्लाद द्वारा दी गई त्वरित मुक्ति के अहसान को क़यामत तक याद रखने की बात कहता है।

व्युत्पत्ति

Persian 'tā' (until, up to) + Arabic 'ḥashr' (resurrection, day of assembly).

प्रयोग

In the ghazal tradition, 'tā-hashr' is routinely used to stretch earthly passions or sufferings into eternal dimensions beyond life and the grave.

उदाहरण

ता-हश्र रहे ये दाग़-ए-मोहब्बत मिरे दिल पर

ये दर्द-ए-जुदाई रहेगा मिरे साथ ता-हश्र

समानार्थी

क़यामत तकता-अबदसदा

संबंधित शब्द

हश्रमहशरक़यामतरोज़-ए-जज़ा
← शब्दकोश पर वापस