शब्दार्थ
तिश्ना-ख़ून
tishna-ḳhūn
hiadjective
अर्थ
खून का प्यासा; अत्यंत कष्ट या विनाश का आकांक्षी।
विस्तार
शास्त्रीय काव्य में इसका अर्थ खून का प्यासा या आत्म-बलिदान का आकांक्षी होना है। इस शे'र में आशिक़ का पैमान (संकल्प) रश्क की तपन के कारण अपने ही दिल और आँखों के लहू का प्यासा बन चुका है। यह भाव प्रेम में सर्वस्व लुटा देने और चरम पीड़ा के घातक आकर्षण को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Persian: compound of 'tishna' (thirsty) and 'khūn' (blood).
प्रयोग
Commonly employed in Urdu ghazals to depict the cruelty of the beloved, the ferocity of fate, or the lover's fatalistic desire for martyrdom.
उदाहरण
तिश्ना-ख़ून है ख़ंजर-ए-क़ातिल अभी तक
रहा तिश्ना-ए-ख़ून मेरा अहद-ए-वफ़ा
समानार्थी
ख़ूँ-ख़्वारतिश्ना-ए-ख़ूनख़ूँ-आशाम
संबंधित शब्द
तिश्नगीख़ूनपैमाँतपिश
