शब्दार्थ

ता'वीज़

ta'weez

hinoun

अर्थ

रक्षा या अनिष्ट निवारण के लिए बाँधा जाने वाला रक्षा-कवच।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू शायरी और इस्लामी संस्कृति में 'ता'वीज़' उस गंडे या रक्षा-कवच को कहते हैं जिसमें पवित्र नाम या आयतें लिखकर बाज़ू अथवा गले में बाँधी जाती हैं। प्रस्तुत शे'र में ग़ालिब हज़रत अली के मुकद्दस नाम को 'ता'वीज़-ए-बाज़ू' बताकर हर तरह की विपत्ति से हिफ़ाज़त का ज़रिया ठहराते हैं। यह ख़ून के दरिया जैसे असीम संकट के बीच भी मुकम्मल पनाह और नजात का प्रतीक है।

व्युत्पत्ति

Arabic (تَعْوِيذ / ta'wīdh), derived from the triconsonantal root 'ع-و-ذ' (ʿ-w-dh), signifying to seek refuge or invoke divine protection.

प्रयोग

Frequently employed in ghazal poetry as a metaphor for divine grace, the protective remembrance of the beloved, or a charm against the agony of separation.

उदाहरण

बाज़ू पे तिरे नाम का ता'वीज़ जो बाँधा

हर बला टल गई सीने पे वो ता'वीज़ लिए

समानार्थी

तिलिस्मगंडाहिर्ज़रक्षा-कवच

संबंधित शब्द

बाज़ू-बंददुआहिफ़ाज़ततिलिस्म
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