शब्दार्थ

तुर्रा

turra

hinoun, masculine

अर्थ

पगड़ी की कलगी या माथे पर झूलती घुंघराली ज़ुल्फ़।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'तुर्रा' मूल रूप से पगड़ी पर लगाई जाने वाली कलगी या शमले को कहते हैं। काव्य में रूपक के तौर पर इसका प्रयोग माथे पर लटकी हुई संवरी व घुंघराली ज़ुल्फ़ के लिए होता है। प्रस्तुत शेर में यह माशूक़ की पेचीदा लट को दर्शाता है, जिसके खुलने पर उसकी लंबाई क़द को भी मात दे देगी।

व्युत्पत्ति

Arabic طُرَّة (turrah, meaning fringe, border, or curled forelock).

प्रयोग

Commonly invoked in the ghazal tradition to evoke both regal pride (as a turban crest) and romantic entrapment (as a serpentine lock of hair).

उदाहरण

तुर्रा-ए-पुर-पेच-ओ-ख़म (पेच-ओ-ख़म से भरी घुंघराली लट)

दस्तार पर सजा तुर्रा (पगड़ी पर सजी कलगी)

समानार्थी

कलगीलटचोटी

संबंधित शब्द

ज़ुल्फ़काकुलगेसूशमला
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