शब्दार्थ

तुनुक-ज़र्फ़ी

tunuk-zarfī

hinoun

अर्थ

कम-हौसला होना, बात या राज़ न छुपा पाने की कमज़ोरी।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'तुनुक-ज़र्फ़ी' का आशय कम-हौसला होना अथवा गहरे राज़ या रूहानी कैफ़ियत को दिल में छिपाए रखने में असमर्थ होना है। प्रस्तुत शे'र में यह मंसूर के प्रति प्रयोग हुआ है, जो अपनी कम-ज़र्फ़ी के कारण 'अनल-हक़' का रहस्य सीने में दबाए न रख सके।

व्युत्पत्ति

Persian 'tunuk' (delicate, thin, frail) + Arabic 'zarf' (vessel, capacity) + suffix '-ī'.

प्रयोग

Frequently contrasted with high spiritual forbearance in Sufi and ghazal poetry to denote a drinker who cannot hold his wine or a mystic who cannot keep divine mysteries concealed.

उदाहरण

बादा-ए-इरफ़ान छलक गया उसकी तुनुक-ज़र्फ़ी से

राज़-ए-हक़ छुपाना तुनुक-ज़र्फ़ी के बस की बात नहीं

समानार्थी

कम-ज़र्फ़ीकोताह-हौसलगीकम-हौसलगी

संबंधित शब्द

तुनुक-ज़र्फ़ज़र्फ़आला-ज़र्फ़ी
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तुनुक-ज़र्फ़ी meaning | Sukhan AI