शब्दार्थ
ता'नों
ta'noñ
hinoun
अर्थ
ताने, उलाहने, व्यंग्य या कटु वचन।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'ता'नों' का आशय उलाहनों, तंज़ और कटु वचनों से है जो आशिक़ महबूब को देता है या जो ज़माना आशिक़ पर कसता है। इस शे'र में ग़ालिब ख़ुद को समझाते हैं कि महबूब को बे-मेहर कहने जैसे तानों से वह कभी मेहरबाँ नहीं होगा। यह शे'र आशिक़ के शिकवे और ताना-ज़नी की लाचारी व निरर्थकता को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic طَعْن (ṭa‘n), literally meaning to prick, pierce with a spear, or revile/disparage.
प्रयोग
A recurrent motif in the ghazal, denoting either the lover's bitter rebuke of the beloved or the societal mockery (ta'na-e-aghyār) endured by the lover.
उदाहरण
दुनिया के ता'नों से आशिक़ का हौसला पस्त न हुआ।
ता'नों से कभी किसी बे-दर्द का दिल नहीं पसीजता।
समानार्थी
उलाहनेतन्ज़मलामतशिकवे
संबंधित शब्द
ता'नाता'ना-ज़नता'ना-ज़नीशिकवा
