शब्दार्थ

ताज़ीम

ta'zīm

hinoun

अर्थ

आदर, सम्मान, इज़्ज़त या श्रद्धा प्रकट करना।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'ताज़ीम' का अर्थ गहरा सम्मान, आदर या श्रद्धापूर्वक सत्कार करना है। इस शेर में इसका प्रयोग शराब और साक़ी की मजलिस को पवित्र मानकर उसका सम्मान करने के संदर्भ में हुआ है, जो रिंदाना अंदाज़ को ज़ाहिरी इबादत से ऊँचा दर्जा देता है। यह प्रायः आदर में खड़े होने या झुकने के भाव को व्यक्त करता है।

व्युत्पत्ति

Arabic 'ta‘ẓīm' (تعظیم), verbal noun from the root 'ع-ظ-م' (‘-ẓ-m), signifying to magnify, deem great, or honor.

प्रयोग

In ghazal poetry, 'ta'zīm' often describes the mandatory protocol of rising or bowing before the beloved, or ironical revering of the tavern's instruments against orthodox austerity.

उदाहरण

ताज़ीम-ए-यार में सर झुकाना

मय-कदे के उसूलों की ताज़ीम करना

समानार्थी

एहतिरामइकरामतक्रीम

संबंधित शब्द

अज़मतमुअज़्ज़मअज़ीम
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