शब्दार्थ

ता-ख़्वार

tā-khwār

hiphrase

अर्थ

ताकि अपमानित या रुसवा न हो।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू और फ़ारसी काव्य में 'ता-ख़्वार' का प्रयोग 'ताकि अपमानित हो' अथवा 'कहीं ज़लील न हो जाए' के अर्थ में होता है। प्रस्तुत शेर में एक शुभचिंतक प्रेमी को आगाह करता है कि वह इश्क़ का रास्ता छोड़ दे ताकि उसे रुसवाई और अपमान का सामना न करना पड़े।

व्युत्पत्ति

Persian: 'tā' (conjunction: so that, until, lest) + 'khwār' (adjective: abased, despised, ruined).

प्रयोग

Commonly employed in didactic and advisory couplets where a counselor urges restraint to prevent public ignominy.

उदाहरण

तर्क कर दे ये जुनूँ ता-ख़्वार न होवे।

ख़ामोश रह महफ़िल में ता-ख़्वार न गर्दी।

समानार्थी

ज़लीलरुस्वाबेइज़्ज़तख़स्ताहाल

संबंधित शब्द

ख़्वारख़्वारीतारुस्वा
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