शब्दार्थ
ताके
tāke
hiverb
अर्थ
लगातार देखता है, निहारता है या ताकता है।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू में 'ताके है' पुरानी क्रिया पद्धति है जिसका अर्थ आधुनिक भाषा में 'ताकता है' या 'ताकती है' होता है। प्रस्तुत शे'र में यह शब्द आशिक़ की निगाह द्वारा शराब से दमकते माशूक़ के चेहरे को लगातार निहारने और उसकी तरफ़ टकटकी बाँधने को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
From the Indo-Aryan/Deshaj root yielding the Hindi-Urdu verb 'ताकना' (tāknā - to gaze, look at, peer).
प्रयोग
The verbal ending '-ए है' (such as ताके है, बोले है, जाने है) is a characteristic feature of classical Rekhta poetry used extensively by Mir and Ghalib.
उदाहरण
हर सू किसी के जल्वे को ताके है चश्म-ए-शौक़
दूर से बैठ कर कोई यूँ ही ताके क्यूँ
समानार्थी
देखेनिहारेतकेझाँके
संबंधित शब्द
ताकनाताकताक-झांकनिगाह
