शब्दार्थ
ताक़
tāq
hinoun, masculine
अर्थ
दीवार का आला, ताक़िया या मेहराब।
विस्तार
शाब्दिक रूप से इसका अर्थ दीवार का वह आला या कोखा है जहाँ चिराग़ या सामान रखा जाता है। प्रस्तुत शेर में यह 'ताक़-ए-निस्याँ' (विस्मृति का आला) के रूप में प्रयुक्त हुआ है, जिसका तात्पर्य किसी बात को भुलाकर किनारे कर देने से है। यह विस्मृति, उपेक्षा और अतीत की धूल-धूसरित स्मृतियों को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Arabic origin (طَاق, ṭāq), passed into Urdu through Persian.
प्रयोग
In Urdu ghazal, it is most celebrated in idioms signifying disregard or loss, such as 'tāq par rakhnā' (to set aside) and 'tāq-e-nisyāñ' (the niche of forgetfulness).
उदाहरण
दिल के ताक़ पे जलता हुआ बुझता सा दिया
हर एक रस्म को ताक़ पर रख दिया गया
समानार्थी
आलाताक़चामेहराब
संबंधित शब्द
ताक़-ए-निस्याँताक़चाताक़ पर रखना
