शब्दार्थ

ता'अत

taa'at

hinoun

अर्थ

ईश्वर की आज्ञाकारिता, भक्ति, बंदगी या इबादत।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू शायरी और सूफ़ी परंपरा में 'ता'अत' का अर्थ ईश्वर के प्रति पूर्ण आज्ञाकारिता, उपासना और भक्ति है। प्रस्तुत शे'र में यह निस्वार्थ इबादत को दर्शाता है, जिसे बहिश्त (स्वर्ग) के शराब और शहद के लालच से परे होना चाहिए।

व्युत्पत्ति

Arabic طَاعَة (ṭāʿah), from the triconsonantal root ط-و-ع (ṭ-w-ʿ) meaning obedience, submission, or yielding.

प्रयोग

In ghazal poetry, it is often contrasted with love (ishq) or criticized when performed merely for the transactional reward of paradise rather than genuine divine love.

उदाहरण

ता'अत-ओ-बंदगी में गुज़री ज़िंदगी

ता'अत बिना खुलूस के राएगाँ है

समानार्थी

इबादतबंदगीफ़रमाँबरदारीपरस्तिश

संबंधित शब्द

मुती'ता'अत-गुज़ारइता'अतज़ुहद
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