शब्दार्थ
ढूँडा
dhūñḍā
hiverb
अर्थ
खोजा, तलाश किया।
विस्तार
कविता में 'ढूँडा' का आशय किसी खोई हुई वस्तु, विशेषकर दिल या माशूक़ की निरंतर खोज और तड़प से है। इस शेर में यह आशिक़ की बार-बार की जाने वाली जुस्तजू और माशूक़ द्वारा उसे सहज ही पा लेने के विरोधाभास को रेखांकित करता है। यह प्रेम की बेचैनी और प्रयास को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
From Prakrit 'ढुंढ' (ḍhuṁḍh), tracing back to the Sanskrit root 'ढौक्' (dhauk), related to seeking, approaching, or investigating.
प्रयोग
In the ghazal tradition, it is frequently paired with concepts of wandering and loss to depict the lover's perpetual state of quest (talash) for the beloved.
उदाहरण
ढूँडा उसे जहाँ में मगर वो मिला नहीं
हम ने ढूँडा दिल-ए-नादाँ का ठिकाना हर सू
समानार्थी
खोजातलाशाढूँढा
संबंधित शब्द
ढूँडनातलाशजुस्तजूपाया
