शब्दार्थ
ठहरो
thahro
hiverb
अर्थ
रुको, ज़रा विराम लो या प्रतीक्षा करो।
विस्तार
इस शेर में 'ठहरो' आज्ञार्थक रूप में प्रयुक्त हुआ है, जहाँ देखने वाले को पल भर रुककर दुनिया के तमाशे को देखने की ताकीद की गई है। यह क्षणिक ठहराव के ज़रिये मंज़र की हक़ीक़त को गहराई से महसूस करने का आग्रह करता है। शायरी में यह शब्द अक्सर विदा लेते महबूब को रोकने या तवज्जो हासिल करने के लिए आता है।
व्युत्पत्ति
From Prakrit, derived from the Sanskrit root 'स्था' (sthā, to stand) or 'स्थिर' (sthira, firm/stationary).
प्रयोग
Frequently used in the ghazal to implore a departing beloved to pause, heightening emotional intensity and longing.
उदाहरण
टक ठहरो कि दम भर तुम्हें देख लें
ठहरो ज़रा कि दिल को सँभलने का वक़्त मिले
समानार्थी
रुकोटिकोथमो
संबंधित शब्द
ठहरावठहरनाठहरा
