शब्दार्थ
ठहरे
thahre
hiverb
अर्थ
रुकना, टिकना, स्थिर होना या थमना।
विस्तार
इस शे'र में 'ठहरे' का प्रयोग पुरानी शैली के रूप 'ठहरे है' (ठहरता है/टिकता है) में सवालिया अंदाज़ में हुआ है। यह व्यक्त करता है कि सैलाब के वेग के सामने दुर्बल तिनका कभी टिक नहीं सकता। भाव यह है कि रोने के प्रचंड वेग के आगे पलकों जैसी नाज़ुक चीज़ें भी बह गईं और ठहर न सकीं।
व्युत्पत्ति
From Sanskrit 'स्था' (sthā, to stand, stay) through Prakrit into Hindustani 'ठहरना'.
प्रयोग
In classical ghazal, it frequently describes enduring patience, the inability of things to withstand tears, or the heart's transient halting.
उदाहरण
सैलाब के आगे भला तिनका कहाँ ठहरे
दिल को क़रार आए तो कहीं ठहरे
समानार्थी
रुकनाटिकनाथमना
संबंधित शब्द
ठहरावठिकानाथामना
