शब्दार्थ
ठोर
ṭhor
hinoun
अर्थ
स्थान, ठिकाना, आश्रय या रहने की जगह।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'ठोर' का अभिप्राय रहने के स्थान, आश्रय या ठिकाने से होता है। इस शे'र में यह 'ठिकाना' के साथ प्रयुक्त होकर पूर्ण विस्थापन और लाचारी को दर्शाता है। यहाँ आशय यह है कि माशूक़ की मस्ताना निगाहों के जादू से अक़्लमंद और होशियार भी अपना ठिकाना और स्थिरता खो बैठते हैं।
व्युत्पत्ति
Derived from Sanskrit 'स्थान' (sthāna) via Prakrit 'ठाण' (ṭhāṇa).
प्रयोग
It is most commonly used in the rhyming compound 'ठोर-ठिकाना' to express total displacement or existential bewilderment.
उदाहरण
न कोई ठोर मिला न कोई सहारा
दर-ब-दर भटकना बिना किसी ठोर के
समानार्थी
ठिकानाआश्रयमकाम
संबंधित शब्द
ठौर-ठिकानाठहरनाथांव
