शब्दार्थ
ठोकर
ṭhokar
hinoun (feminine)
अर्थ
पैर का आघात, टकराना या लड़खड़ाहट।
विस्तार
शाब्दिक रूप से इसका अर्थ पैर टकराना या लड़खड़ाना है, परंतु शायरी में यह उपेक्षा, तिरस्कार या लात मारने के अर्थ में भी आता है। इस शे'र में यह महबूब के उस नाज़ुक और बेपरवाह अंदाज़ को दर्शाता है जहाँ वह आशिक़ को रौंदने के बावजूद ठोकर तक नहीं लगाता। यह प्रेमी के प्रति महबूब की पूर्ण बेनियाज़ी का प्रतीक है।
व्युत्पत्ति
Indo-Aryan / Prakrit origin.
प्रयोग
In the classical ghazal, 'thokar' commonly expresses the harsh blows of worldly fortune or the beloved's casual contempt for the humble lover.
उदाहरण
ठोकरें खाना ज़माने की
क़ब्र पर मेरी ठोकर न लगाना
समानार्थी
चोटलग़्ज़िशसदमा
संबंधित शब्द
ठोकर खानाठोकर लगनालड़खड़ाहट
