शब्दार्थ
टाँके
ṭāṅke
hinoun (masculine plural)
अर्थ
सिलाई के धागे या घाव पर लगे टाँके।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'टाँके' का आशय उस सिलाई से है जो रफ़ूगर या जर्राह किसी फटे वस्त्र या ज़ख़्म पर लगाता है। इस शेर में यह आशिक़ के बेचैन और तार-तार दिल को दुरुस्त करने के उस निष्फल प्रयास का प्रतीक है, जो कभी टिक नहीं पाता।
व्युत्पत्ति
Derived from Old Indo-Aryan / Deshya roots (comparable to Sanskrit ṭanka), evolved through Prakrit into Hindustani.
प्रयोग
Frequently juxtaposed with the 'rafūgar' (darner) to emphasize that the emotional wounds of love cannot be stitched up like ordinary cloth.
उदाहरण
ज़ख़्म-ए-दिल के टाँके फिर से उधड़ गए।
रफ़ूगर के कमज़ोर टाँके दर्द को रोक न सके।
समानार्थी
बख़िएसीवनटाँका
संबंधित शब्द
रफ़ूगरचाकबख़ियासोज़न
